सुपौल। जिले में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (P.H.E.D.) के अधिकारियों की मनमानी से जनता परेशान है। हाल ही में एक पंप चालक के साथ हुए दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है और पीड़ित पक्ष ने जल्द न्याय न मिलने की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
जानकारी अनुसार 30 मार्च को दिन के करीब 11 बजे कुछ महादलित सरपंच प्रतिनिधि के पास पानी आपूर्ति की मांग को लेकर पहुंचे। इस संबंध में सरपंच प्रतिनिधि गुलेंद्र प्रसाद यादव ने P.H.E.D. विभाग के कनीय अभियंता धीरज कुमार सिंह से फोन पर बातचीत की। आवेदन में सरपंच प्रतिनिधि ने कहा है कि इस दौरान अधिकारी ने उनके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानजनक बातें कहीं।
बताया कि अधिकारी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि साला दुसाध-चमार को भी फिल्टर का पानी चाहिए? साथ ही उन्होंने मारपीट और नेतागिरी खत्म करने की धमकी भी दी। इस व्यवहार से महादलित समुदाय के लोग आक्रोशित हो गए हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।
इस घटना से आहत समुदाय ने मुख्यमंत्री, चीफ इंजीनियर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग पटना और जिलाधिकारी सुपौल को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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