Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Classic Header

{fbt_classic_header}

Breaking News

latest

चार दिवसीय श्रीराम कथा का हुआ शुभारंभ, शिव-पार्वती विवाह प्रसंग से बताया भक्ति का महत्व


सुपौल। जिला मुख्यालय स्थित श्रीराधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी में आध्यात्मिक सत्संग समिति सुपौल के तत्वावधान में बुधवार से चार दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन शुरू हुआ। कथा के पहले दिन यजमान के रूप में अरुण चौधरी मौजूद रहे। आयोजन समिति के रामकुमार चौधरी, नलिन जायसवाल, अशोक शर्मा, हीरालाल कामत, चंदन चौधरी, उपेन्द्र सिंह और मंदिर के पुजारी अशोक झा ने सामूहिक रूप से व्यासपीठ पूजन किया।

श्रीश्री 108 पूज्य बाल व्यास जी महाराज के शिष्य मानस भास्कर पंडित विद्यासागर महाराज ने कथा वाचन किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में सबसे पहले श्रद्धा और विश्वास की आवश्यकता होती है। रामचरितमानस में तुलसीदास जी ने भगवान शिव को विश्वास और माता पार्वती को श्रद्धा बताया है। जब श्रद्धा और विश्वास का मिलन होता है, तभी मनुष्य मोह से मुक्त होकर भक्ति के मार्ग पर अग्रसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब तक मन में मोह रहेगा, तब तक भक्ति का प्रवेश असंभव है और मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो सकती।

कथा में शिव और पार्वती के विवाह प्रसंग के माध्यम से ज्ञान, वैराग्य और भक्ति की महत्ता को समझाया गया। सत्संग के माध्यम से ही विवेक और ज्ञान की प्राप्ति होती है और भक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्तिभाव में डूबकर श्रीराम कथा का श्रवण कर आनंदित हुए।

इस अवसर पर नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेन्द्र झा राघव ने कहा कि कथा सुनने से मनुष्य के जीवन में चेतना का विकास होता है। श्रीराम कथा का आयोजन चार दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान दिया जाएगा। आयोजन में प्रवीण कुमार झा, संजीव कुमार सिंह बबलू, अभिषेक गुप्ता, राजकिशोर चौधरी, देवी प्रसाद सिन्हा, योगेन्द्र साह, नीतीश मेहता, संजय जायसवाल, मुन्नी देवी सहित बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।

कोई टिप्पणी नहीं