सुपौल। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर सुपौल सदर प्रखंड के कर्णपुर स्थित बाबा पीठ-काली धाम में सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ 30 मार्च से किया गया है। यह दिव्य आयोजन 07 अप्रैल तक चलेगा। इस अवसर पर शनिवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें 500 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया।
कलश यात्रा कर्णपुर के कृष्ण मंदिर से प्रारंभ होकर सार्वजनिक तालाब तक पहुंची, जहां पंचोपचार विधि से पूजन कर महिलाओं ने जल कलश भरे। वैदिक मंत्रोच्चार और भगवती वंदना के साथ श्रद्धालु नगर भ्रमण करते हुए बाबा पीठ पहुंचे, जहां कलशों की स्थापना की गई।
कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पूज्य गुरुदेव शिवाचार्य पंडित जीवेश्वर मिश्र ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का संदेश भी देता है। यह महायज्ञ समाज में आध्यात्मिक चेतना, पारिवारिक सौहार्द और धार्मिक समरसता को बढ़ावा देने का कार्य करता है।
महायज्ञ के अंतर्गत नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें 51 विद्वान पंडित और आचार्य भाग लेंगे। इस यज्ञ का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण और समाज में आत्मीयता का विकास करना है।
भव्य कलश यात्रा को सफल बनाने में आयोजन समिति और स्थानीय ग्रामीणों का बड़ा योगदान रहा। वैदिक मंत्रोच्चार का संचालन पंडित प्रानेश्वर मिश्र, पंडित अजीत मिश्र समेत 31 पंडितों द्वारा किया गया। इस महायज्ञ में नंदा झा, मिथिलेश पाठक, संजय झा, विनोद चौधरी और भगवान जी पाठक समेत कई श्रद्धालु सक्रिय रूप से सम्मिलित हुए। महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष दीक्षा कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है, जहां वे आध्यात्मिक दीक्षा ग्रहण कर सकेंगे।
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