सुपौल। डीआईजी मनोज कुमार ने शनिवार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी त्रिवेणीगंज के कार्यालय का निरीक्षण किया। उनके आगमन पर अनुमंडल परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान एसपी शैशव यादव, एसडीपीओ विपिन कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर सुनील कुमार पासवान, थानाध्यक्ष रामसेवक रावत सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
डीआईजी मनोज कुमार ने कार्यालय में संधारित विभिन्न इंडेक्स, पंजियों और अभिलेखों का अवलोकन किया। लंबित मामलों की समीक्षा कर उनके शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
डीआईजी ने बताया कि जिले में डीजे को नियंत्रित किया गया है क्योंकि इससे विधि-व्यवस्था प्रभावित होती है। सभी डीजे संचालकों की सूची तैयार कर उनके साथ बैठक की गई है। अब बिना पुलिस की अनुमति के डीजे का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर डीजे जब्त किया जाएगा और छोड़ा नहीं जाएगा।
नशा सेवन और तस्करी पर पूछे जाने पर डीआईजी ने बताया कि इस पर दोहरी रणनीति अपनाई गई है। पहली, जो इस अवैध व्यापार में संलिप्त हैं, उन्हें चिन्हित कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा और उनकी अवैध संपत्ति जब्त की जाएगी। दूसरी, नशा पीड़ित युवाओं की मदद के लिए व्यक्तिगत और संस्थागत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए अस्पताल, एनजीओ और बुद्धिजीवियों के सहयोग से पुनर्वास प्रयास किए जाएंगे।
त्रिवेणीगंज में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर डीआईजी ने कहा कि जिले में ट्रैफिक थाना स्थापित हो चुका है और इसके लिए जमीन चिन्हित की जा रही है। जल्द ही नई बिल्डिंग का निर्माण होगा। फिलहाल, सुपौल और पिपरा में ट्रैफिक पुलिस कार्यरत है और शीघ्र ही त्रिवेणीगंज में भी ट्रैफिक पुलिस की तैनाती होगी।
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