- राजेश्वरी थाना क्षेत्र के
बैरिया निवासी 13 वर्षीय किशोर कीमूर्गा फॉर्म परिसर के चापाकल पर पानी पीने के दौरान हुई थी मौत
सुपौल। जिले के राजेश्वरी थाना को पूर्णतया थाने का दर्जा मिले चंद दिनों की बात है। ओपी से उत्क्रमित होकर जब राजेश्वरी को पूर्णतया थाने का अधिकार मिला तो क्षेत्रवासियों को अनडिपेंडेंट बेहतर पुलिसिंग की आस भी जगी जिसे लेकर लोगों ने हर्ष भी व्यक्त किया था। लेकिन बीते 29 मार्च को विद्युत स्पर्षाघात से 13 साल के किशोर की हुई मौत के बाद जिस तरह मामले को निपटाने में बिचौलिए सक्रिय हुए और मामला निपटा भी लिया लोगों में चर्चा का विषय बना है। घटना को ले एक आपसी पंचायत का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें ले देकर मामले के निपटारे की बातें हो रही है और थाने को पार्टी द्वारा मैनेज कर लेने की जवाबदेही भी दी जा रही है। इसी बीच एक जनप्रतिनिधि की एंट्री होती है और वो दावे के साथ कहते हैं कि पोस्टमार्टम होने दो नहीं तो पुलिस पर बात बन जाएगी, बांकि मामले में मैं जो चाहूंगा वही होगा। लेकिन हैरत की बात है कि हुआ भी वही जो पुलिसिया कार्रवाई से इतर पंचायत कर रहे चंद लोगों ने चाहा।
किशोर के मौत की सौदेबाजी हुई और दो लाख में मामले का निपटारा करने की बातें चर्चा में है। वायरल वीडियो में थाना क्षेत्र के बैरिया का ही एक अन्य मामले का भी जिक्र भी किया गया है जिसे महज एक लाख 70 हजार में निपटा लेने पर फख्र किया जा रहा है। हालांकि उक्त वायरल वीडीयो की पुष्टि यह अखबार नहीं करता। अब घटना की जिक्र करें तो बीते 29 मार्च के दोपहर बकरी चराने गए राजेश्वरी पश्चिम पंचायत के वार्ड नंबर दो बैरिया निवासी रोहित ठाकुर का पुत्र 13 वर्षीय दिलखुश कुमार की मौत विद्युत करंट से हो गई। कक्षा 06 में अध्ययनरत छात्र दिलखुश बकरी लेकर घर से निकला तो उसे प्यास लगी और वह गंगापुर वितरणी किनारे बने मूर्गा फॉर्म के चापाकल पर पानी पीने चला गया। उसने जैसे ही चापाकल को हाथ लगाया विद्युत स्पर्षाघात का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई। मृतक छात्र के पिता रोहित ठाकुर ने मौके पर रोते-बिलखते बताया कि उन्हीं के ग्रामवासी गौरव कुमार मंडल ने अपने मूर्गा फॉर्म के आसपास नंगी तारें बिछा रखी है जिसकी चपेट में आकर उनके पुत्र की मौत हो गई।
बताया कि तीन माह पूर्व से फॉर्म में मूर्गा नहीं है लेकिन सामानों की सुरक्षा के लिए गौरव द्वारा बिजली का दुरुपयोग किया जा रहा है। हैरत की बात यह रही कि घटना के बाद मूर्गा फॉर्म संचालक मौके से फरार हो गया और बचाव में चंद करपदारों को पंचायत में मामला निपटाने की जिम्मेदारी देकर भेज दिया। घटना स्थल पर कागजी कार्यवाही निपटाकर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम में भेजा भी नहीं था कि सटे 25 मीटर की दूरी पर सफेदपोशों ने पंचायत बिठाकर मौत की सौदेबाजी कर ली। हालांकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम में तो भेजा लेकिन बिजली के अवैधानिक उपयोग करने वाले किशोर की मौत के लिए जिम्मेदार मूर्गा फॉर्म संचालक की जवाबदेही तय नहीं कर पाई। तब जबकि किशोर के शव को पोस्टमार्टम में भेजा जा रहा था तो थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा था कि आवेदन मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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